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आईवीà¤à¤« के बाद हो जाती है कबà¥â€à¤œ, कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े कर सकते हैं पेट को साफ
अब तक आपको इस बारे में पता नहीं होगा कि आईवीà¤à¤« जैसी फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के दौरान महिलाओं को अकà¥â€à¤¸à¤° कबà¥â€à¤œ की परेशानी हो जाती है।
कई महिलाà¤à¤‚ नैचà¥à¤°à¤²à¥€ कंसीव नहीं कर पाती हैं और यहां पर उनके काम आती है आईवीà¤à¤« तकनीक। हालांकि, आईवीà¤à¤« टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के दौरान महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से काफी कà¥à¤› सहना पड़ता है और à¤à¤— रिटà¥à¤°à¥€à¤µà¤² यानि फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ à¤à¤— को गरà¥à¤ में डालने के बाद à¤à¥€ महिलाओं को कà¥à¤› समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आ सकती हैं जैसे कि कबà¥â€à¤œ
आईवीà¤à¤« के दौरान दिठगठपà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के साइड इफेकà¥â€à¤Ÿ के रूप में कबà¥â€à¤œ हो सकती है।
हालांकि, इस तरह की समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं को घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों से ठीक किया जा सकता है। अगर आप à¤à¥€ आईवीà¤à¤« या कोई à¤à¥€ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट ले रही हैं, तो किस तरह कबà¥â€à¤œ से बच सकती हैं।
आईवीà¤à¤« जैसी फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के दौरान कबà¥â€à¤œ हो सकती है। इस समय हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स के साथ-साथ शामक दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ जी-पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ को रेगà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ पर असर डालता है जिसके कारण कबà¥â€à¤œ होती है। वहीं शामक दवाओं के शरीर पर कà¥à¤› साइड इफेकà¥â€à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¥€ होते हैं जिसमें कबà¥â€à¤œ à¤à¥€ शामिल है।
फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के दौरान शरीर में हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स डालने, पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤² विटामिनों और दवाओं की वजह से शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं। à¤à¤— निकालने, फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ दवाà¤à¤‚ लेने और सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठबेहोशी की दवा देने की वजह से गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² तंतà¥à¤° पर दबाव पड़ता है जिससे कबà¥â€à¤œ पैदा होती है।
​खूब पिà¤à¤‚ पानी
कबà¥â€à¤œ होने का सबसे बड़ा कारण परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी न पीना होता है। पेट और आंतों में जमा मल को ढीला कर के बाहर निकालने में पानी मदद करता है। इंसà¥â€à¤Ÿà¥€à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ट ऑफ मेडिसिन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° महिलाओं काे दिनà¤à¤° में कम से कम नौ कप पानी पीना ही चाहिà¤à¥¤ आप पानी के साथ-साथ नींबू पानी और नारियल पानी जैसी हेलà¥â€à¤¦à¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥â€à¤¸ à¤à¥€ ले सकती हैं।
​खाने में रखें फाइबर
पाचन तंतà¥à¤° को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रखने के लिठफाइबर बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। इससे पेट साफ रहता है और कबà¥â€à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ नहीं होती है। आप दिनà¤à¤° में कम से कम 25 गà¥à¤°à¤¾à¤® फाइबर तो जरूर खाà¤à¤‚। कई फूडà¥à¤¸ में उचà¥â€à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में फाइबर मौजूद होता है।
​चिया और अलसी के बीज
चिया के बीजों में खूब फाइबर होता है इसलिठइसे आप सà¥â€à¤®à¥‚दी या सलाद में डालकर खा सकती हैं। इसके अलावा अलसी के बीज à¤à¥€ पेट को साफ और à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रखने का बेहतरीन तरीका होते हैं। आप दही में à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š अलसी के बीज डालकर खा सकती हैं। इसमें फाइबर के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ होते हैं।
मैगà¥â€à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट
कोई à¤à¥€ पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤² सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना न लें। आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से पूछकर मैगà¥â€à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट ले सकती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को रोजाना 310 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® मैगà¥â€à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होती है। आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से अपने सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट और उसकी खà¥à¤°à¤¾à¤• के बारे में पूछ सकती हैं।
​कारगर है ये नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा
वॉक à¤à¥€ कबà¥â€à¤œ को दूर करने का असरकारी नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा है। रोज 10 से 20 मिनट तक हलà¥â€à¤•ी वॉक जरूर करें। इससे मल ढीला होकर आसानी से निकल जाता है।
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